कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत उत्तर प्रदेश सरकार ने 2019 में की थी। प्रारंभ में इसका उद्देश्य केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को शिक्षा और पालन-पोषण के लिए सहायता प्रदान करना है ।
यह योजना जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है, ताकि आर्थिक तंगी के कारण बेटियों की पढ़ाई न रुके और वे समाज में आत्मनिर्भर बन सकें।
कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य
कन्या सुमंगला योजना का मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम, शिक्षा को प्रोत्साहन और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करना है।
इस योजना के तहत बेटियों को छह अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे उनका पालन-पोषण और शिक्षा दोनों सुचारू रूप से हो सके।
मुख्य उद्देश्य:
- लिंगानुपात में सुधार
- बेटियों की शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार
- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता
- बाल विवाह और बाल श्रम की रोकथाम
योजना की मुख्य विशेषताएं
- लाभार्थी: केवल उत्तर प्रदेश राज्य की बेटियां
- लाभ राशि: कुल ₹15,000 छह चरणों में
- चरणबद्ध भुगतान: बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक
- परिवार सीमा: अधिकतम दो बेटियां
- लागू विभाग: महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
कन्या सुमंगला योजना में मिलने वाली आर्थिक सहायता
चरण | लाभ की स्थिति | सहायता राशि |
---|---|---|
चरण 1 | जन्म के समय | ₹2,000 |
चरण 2 | एक वर्ष पूर्ण होने पर | ₹1,000 |
चरण 3 | कक्षा 1 में प्रवेश | ₹2,000 |
चरण 4 | कक्षा 6 में प्रवेश | ₹2,000 |
चरण 5 | कक्षा 9 में प्रवेश | ₹3,000 |
चरण 6 | स्नातक/डिप्लोमा में प्रवेश | ₹5,000 |
कुल राशि | – | ₹15,000 |
योजना की पात्रता (Eligibility Criteria)
मुख्य शर्तें:
- केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी बेटियां ही पात्र हैं।
- परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- एक परिवार में अधिकतम दो बेटियां लाभ उठा सकती हैं।
- गोद ली हुई बेटियां भी योजना का लाभ ले सकती हैं।
आवश्यक दस्तावेज़ (Required Documents)
- आधार कार्ड (माता-पिता और बेटी का)
- जन्म प्रमाण पत्र
- परिवार की आय प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- बैंक खाता विवरण
- पासपोर्ट साइज फोटो
- मोबाइल नंबर
कन्या सुमंगला योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:
- आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in पर जाएं।
- “नया पंजीकरण” (New Registration) विकल्प पर क्लिक करें।
- आधार व मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन करें।
- आवश्यक जानकारी भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
- फॉर्म सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या नोट करें।
ऑफलाइन आवेदन:
- नजदीकी CDPO ऑफिस या ब्लॉक विकास कार्यालय में जाकर आवेदन फॉर्म भरकर जमा करें।
योजना के लाभ
- बेटियों की पढ़ाई बीच में नहीं रुकेगी।
- गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा।
- बेटियों के जन्म को प्रोत्साहन मिलेगा।
- राज्य में लिंगानुपात में सुधार होगा।
योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तें
कन्या सुमंगला योजना का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें सरकार द्वारा निर्धारित की गई हैं, जिनका पालन अनिवार्य है:
- लाभार्थी का परिवार आय सीमा से अधिक नहीं होना चाहिए।
- आवेदन के समय बेटी का आधार और जन्म प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा।
- यदि परिवार में जुड़वां बेटियां हैं, तो तीसरी बेटी भी योजना का लाभ ले सकती है, लेकिन इसके लिए विशेष शर्तें लागू होंगी।
- किसी भी चरण में अगर गलत जानकारी पाई गई तो लाभ तुरंत बंद हो जाएगा और दी गई राशि वापस करनी होगी।
योजना में आवेदन का समय (Application Timeline)
- बेटी के जन्म के एक साल के भीतर पहले चरण का आवेदन करना जरूरी है।
- प्रत्येक चरण में आवेदन करने के लिए निर्धारित समय सीमा होती है, जिसे पोर्टल पर देखा जा सकता है।
- समय सीमा चूक जाने पर उस चरण का लाभ नहीं मिल पाएगा, इसलिए समय पर आवेदन करना आवश्यक है।
Kanya Sumangala Yojana 2025 अपडेट
2025 में सरकार ने कन्या सुमंगला योजना में कुछ नए बदलाव किए हैं:
- आय सीमा पहले ₹2 लाख थी, जिसे बढ़ाकर ₹3 लाख कर दिया गया है, ताकि अधिक परिवार इसका लाभ ले सकें।
- ऑनलाइन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेज और सरल किया गया है।
- मोबाइल एप के जरिए भी पंजीकरण की सुविधा शुरू हो चुकी है।
- लाभ की राशि सीधे DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से लाभार्थी के बैंक खाते में जमा होगी।
कन्या सुमंगला योजना के फायदे – सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से
सामाजिक फायदे:
- बेटियों के जन्म के प्रति सकारात्मक सोच का विकास।
- बाल विवाह और लिंग भेदभाव में कमी।
- बेटियों के प्रति परिवार और समाज की जिम्मेदारी में वृद्धि।
आर्थिक फायदे:
- पढ़ाई का खर्च कम होने से परिवार पर आर्थिक दबाव घटता है।
- उच्च शिक्षा तक बेटियों की पहुंच आसान होती है।
- बचपन से लेकर युवावस्था तक बेटियों का विकास सुनिश्चित होता है।
योजना से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक
- आधिकारिक वेबसाइट: mksy.up.gov.in
- हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-0000
- महिला एवं बाल विकास विभाग, उत्तर प्रदेश
कन्या सुमंगला योजना सिर्फ आर्थिक सहायता का साधन नहीं, बल्कि यह बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही है। अगर इसका सही ढंग से क्रियान्वयन होता रहा, तो आने वाले समय में यह राज्य के साथ पूरे देश में बेटियों के लिए प्रेरणा बनेगी।
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कन्या सुमंगला योजना से जुड़े FAQs
Q1. कन्या सुमंगला योजना की कुल राशि कितनी है?
A. योजना में कुल ₹15,000 की राशि छह चरणों में दी जाती है।
Q2. क्या इस योजना का लाभ दो से अधिक बेटियां ले सकती हैं?
A. सामान्य स्थिति में केवल दो बेटियां लाभ ले सकती हैं, लेकिन जुड़वां बेटियों के मामले में विशेष छूट है।
Q3. क्या दूसरे राज्य की बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं?
A. नहीं, यह केवल उत्तर प्रदेश की मूल निवासी बेटियों के लिए है।
Q4. योजना के लिए आवेदन कहां किया जा सकता है?
A. mksy.up.gov.in पोर्टल या नजदीकी ब्लॉक कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
Q5. कन्या सुमंगला योजना हेल्पलाइन नंबर क्या है?
A. कन्या सुमंगला योजना हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-0000
Q6. कन्या सुमंगला योजना कौन भर सकता है?
उत्तर प्रदेश राज्य के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाली सभी बालिकाएं इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना की शुरुआत की है, जिसके अंतर्गत राज्य की बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ पाने के लिए लड़की तथा उसके माता-पिता का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना अनिवार्य है।